उप्र सिंधी अकादमी द्वारा कराई गई मथुरा में सिंधी संगोष्ठी

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किशोर इसरानी मथुरा 10 जुलाई 2024

प्रसिद्ध सिंधी साहित्यकार एवं रंगमंच के कलाकार अशोक मनवानी ने यहां मथुरा में सिंधी बोली-भाषा को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि हम अपने परिवार और समाज में आपसी बातचीत सिंधी में ही करें, इसके लिए सिंधी बोली को ही अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा हमारी मौसी है जो बहुत प्यारी है और सिंधी बोली हमारी मां है जो बहुत जरूरी है।

उप्र शासन के भाषा विभाग के नियंत्रणाधिन उप्र सिंधी अकादमी द्वारा आयोजित और सिंधी जागरूक मंच के संस्थापक किशोर इसरानी द्वारा संयोजित सिंधी बोली क्यों है जरूरी विषयक संगोष्ठी यहां बीएसए कालेज रोड स्थित एक होटल गनपति पैलेस में सिंधी जनरल पंचायत की मेजबानी में हुई, जिसमें सिंधी बोली-भाषा और संस्कृति को बनाए रखने पर गहरा चिंतन मंथन हुआ।

भोपाल से आए साहित्यिक अकादमी दिल्ली के सिंधी भाषा परामर्श मंडल के सदस्य एवं मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग के उपसंचालक अशोक मनवानी ने प्रसिद्ध क्रिकेटर नरेंद्र हिरवानी, शोले के निर्माता जीपी सिप्पी, साठ के दशक की अभिनेत्री साधना और शीला रामानी, गायक संगीतकार घनश्याम वासवानी, गीतकार गायक मास्टर चंदर आदि सिंधी शख्सियतों का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सब अगर एक दूसरे को जानते हैं या जुड़े हुए हैं तो वह सिंधीयत के कारण ही, इसलिए कितनी भी बड़ी शख्सियत क्यों न बन जाए सिंधीयत न भूलें, क्योंकि सिंधी समाज का उदय सिंधु नदी सिंधु घाटी से हुआ है, जिसका अस्तित्व अखंड भारत की प्राचीन मुअन जो दड़ो सभ्यता से जुड़ा है।

लाड़ी लोहाणा सिंधी पंचायत के राष्ट्रीय सचिव रामचंद्र खत्री ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सिन्धी सभ्यता और बोली ही सिन्धी समुदाय की पहचान है, अगर हम सिन्धी बोलना ही बंद कर देंगे, तो हमारी पहचान ही खो जायेगी, इसलिए घर-परिवार और अपनों के बीच सिन्धी में ही वार्त्तालाप करें। 

सिंधी जनरल पंचायत के अध्यक्ष नारायणदास लखवानी ने कहा कि बच्चों को जैसे शिक्षा या व्यापार के लिए तैयार करते हैं, इसी प्रकार अपनी सिंधी बोली के लिए भी बच्चों को संस्कार दें। सिन्धी सभ्यता और बोली को बचाने का एक ही तरिका है कि हम सिन्धी समुदाय को संगठित करें, इसके लिए आपस में मेलजोल बढ़ाएं।

उप्र सिंधी अकादमी के निदेशक अभिषेक कुमार अखिल ने कहा कि अपनी बोली भाषा को बचाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी उस समाज की ही होती है। सिंधी बोली भाषा के उत्थान के लिए माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उप्र सिंधी अकादमी द्वारा प्रदेश के विभिन्न शहरों में सिंधी पाठशालाएं, सिंधी फिल्मों का प्रसारण और सिंधी संगोष्ठियां आयोजित कराई जा रही है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।

इस मौके पर लाड़ी लोहाणा सिंधी पंचायत के प्रदेश अध्यक्ष नारायणदास पारवानी, आगरा के समाजसेवी रूपचंद धनवानी, प्रदेश आडिटर बसंतलाल मंगलानी, जिलाध्यक्ष जीवतराम चंदानी, सिंधी पंडित मोहनलाल शर्मा, सिंधी वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्षा गीता नाथानी, कार्यक्रम संयोजक किशोर इसरानी तथा संचालनकर्ता चंद्रा खत्री ने सिंधी विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।

इससे पूर्व सभी अतिथियों का सिंधी जनरल पंचायत और सिंधी नवयुवक मंडल के पदाधिकारियों द्वारा शाल पाटुका पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर भावपूर्ण स्वागत किया गया। लाड़ी लोहाणा सिंधी महिला मंडल द्वारा मथुरा जी का प्रसाद अतिथियों को दिया गया।

संगोष्ठी में नारायणदास लखवानी, रामचंद्र खत्री, तुलसीदास गंगवानी, जीवतराम चंदानी, डा. प्रदीप उकरानी, बसंत मंगलानी, गुरूमुखदास गंगवानी, सुरेश मेठवानी, पीताम्बर रोहेरा, जितेंद्र भाटिया, झामनदास नाथानी, चंदनलाल आडवानी, हरीश चावला, किशोर इसरानी, सुंदर खत्री, सुदामा खत्री, अशोक अंदानी, गिरधारी नाथानी, सुरेश मनसुखानी, दौलतराम खत्री, मिर्चुमल कोतकवानी, अनिल मंगलानी, अमित खत्री, अशोक डाबरा, लक्ष्मण वाधवानी, कंहैया खत्री, मनोहर मंगलानी, ताराचन्द चेतवानी, गीता नाथानी, एडवोकेट अनिता चावला, मनीषा अंदानी, भारती केवलानी, कोमल नाथानी, तनुजा मनसुखानी, अकादमी के लेखाकार महेंद्र वर्मा आदि शामिल थे।

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