उत्तर प्रदेश, वृन्दावन : गजेंद्र मोक्ष लीला का रंगजी मंदिर की पुष्करणी में हुआ आयोजन

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विकास अग्रवाल

टीटीआई न्यूज़

वृन्दावन (03-08-2020)

 

दक्षिण भारतीय परंपरा के रंगजी मंदिर में श्रावणी पूर्णिमा के दिन पुष्करणी कुंड में गजेंद्र मोक्ष लीला का आयोजन किया गया। हज़ारों भक्त श्री रंगनाथ भगवान की भक्तवत्सलमयी लीला का रसास्वादन करने से वंचित रह गये। कोरोना संक्रमण के चलते मन्दिर के मुख्य द्वार भक्तो के लिये बन्द है। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर परम्परागत रूप से सोमवार को मंदिर के गर्भगृह से गरुड़ वाहन में विराजमान होकर जैसे ही भगवान श्रीगोदारंगमन्नार पुष्करणी के लिए रवाना हुए।

भक्तों के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। मोक्ष भगवान की अद्भुत लीला है, जिसमें भक्त गजेंद्र है, जो भगवान की सेवा के लिए पुष्प लेकर पुष्करणी सरोवर से गुजर रहा होता है और ग्राह यानि मगर ने इसके पैर को दबोच लिया है, ऐसे में गजेंद्र भगवान के शरणागत होकर भगवान से प्रार्थना करता है कि आपके अलावा कोई नहीं जो बचा सकता है। इसलिए आप मुझे आप ग्रहा से मुक्त करिए।

प्रार्थना सुनकर भगवान श्रीमननारायण गरुण पर ही विराजमान होकर अति वेग से प्रकट होकर अपने सुदर्शन चक्र से गजेंद्र को ग्राह से मुक्त करते हैं। वर्तमान में जो यह लीला का प्रदर्शन दिव्य देशों में होता है, खासतौर से वृंदावन के रंगजी मंदिर में

इसका भक्तों के लिए यही संदेश है कि जो भगवान के अनन्नय शरणागत जीव होते हैं, उनके लिए भगवान सदैव उपस्थित रहते हैं। संसार रूपी जो ग्राह है, उसने जीव रूपी हाथी को अपनी माया से जकड़ रखा है।

भगवान की जो शरणागति ग्रहण करता है, उसको भगवान संसार की माया से तत्काल मुक्त कर देते हैं। इसी उपदेश को बताने के लिए यह गज ग्राह का उत्सव प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। 

इस अवसर पर मलयादा गोवर्धन, रम्या रंगचर्या, चंद्रशेखर, शाश्वत पुरुषोत्तम ,राजू स्वामी , रघुनाथ स्वामी , आचार्य विजय मिश्र , राकेश दुबे , लखन लाल पाठक , विजय अग्रवाल , तिरुपति और आनंद आदि उपस्थित रहे।

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